चिड़िया चिड़िया चिड़िया
10 hours ago
वाकई वक्त के साथ हर चीज ,हर बात ,हर याद धुंधली होती जाती है .....हर सिलसिला कम होने लगता है ,...या तो नई बातें जुड़ती है या हम घटते घटते दुसरी दुनिया में कही खो से जाते है .............................. दिन ,महीने ,साल क्या सदिया गुजर जाए ..............................................
4 Comments:
यह बहुत सुविधाजनक पासपोर्ट है। बिल्ली की जगह कुत्ते को सीमा पार कराने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
इस 15 साल पुराने चित्र में कम्पयुटर का कमाल है या उस समय की इराक में सद्दाम की तानाशाही का कमाल है कहना मुशकिल है, हां इतना पता है हम आवश्यकता पडने पर फोटू खिचवा सकते हैं, न खिंचवायें तो हज ही को न जा पायें
Mohammed Umar Kairanvi saheb
se sahmat
भारत में भी ऐसा ही होने वाला है.
Post a Comment