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Monday, October 25, 2010

निगेटिव इंडिया


4 comments:

POOJA... said...

a good capture... KODAK MOMENT

PN Subramanian said...

अपने यहाँ विक्रेता ही सब तय करता है.

राज भाटिय़ा said...

अजी एक गोलगप्पा तो पेक कर दो, हम अपनी पलेट मे खा लेगे घर जा कर :)

mrityunjay kumar rai said...

@ राज भाटिय़ा

भाटिया जी यह तस्वीर मेरठ वाले कांफेक्सनर , मुखर्जी नगर दिल्ली की है . दूकान बहुत अच्छी है और खूब चलती है , पर दूकान के मालिक की यह बात मुझे पसंद नहीं आयी , आखीर एक प्लेट पैक कराने वाला कहा जाए .
SOCIAL RESPONSIBILITIES की बात हमारा कॉर्पोरेट सेक्टर खूब करता है , पर अमल कितना होता है तस्वीर देख के पता चलता है .

 

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