बचपन में पुस्तकों में पढ़ते थे की मरुस्थल में बारिस बहुत ही कम या नाम मात्र होती है . पर अब हर साल मरुस्थल में बाढ़ आ रही है , बचपन में पढी गयी बातें अब फेल हो रही है . प्रकृती की लीला अपरंपार है.
चिड़िया चिड़िया चिड़िया
10 hours ago
वाकई वक्त के साथ हर चीज ,हर बात ,हर याद धुंधली होती जाती है .....हर सिलसिला कम होने लगता है ,...या तो नई बातें जुड़ती है या हम घटते घटते दुसरी दुनिया में कही खो से जाते है .............................. दिन ,महीने ,साल क्या सदिया गुजर जाए ..............................................
Posted by Mrityunjay Kumar Rai at Friday, June 18, 2010
1 Comment:
राजस्थान के इस इलाके में इतनी वर्षा ! वैसे तो समूचे राजस्थान को पानी की जरुरत है। कम से कम जलाशय तो भर जाएँगे ऍसी बारिश से।
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