Scientist posts at CGCRI Feb-2012
1 hour ago
वाकई वक्त के साथ हर चीज ,हर बात ,हर याद धुंधली होती जाती है .....हर सिलसिला कम होने लगता है ,...या तो नई बातें जुड़ती है या हम घटते घटते दुसरी दुनिया में कही खो से जाते है .............................. दिन ,महीने ,साल क्या सदिया गुजर जाए ..............................................
3 Comments:
are bhai ye kuch bhi nahi he ye train electrical he warna diesel eng. hota to pata chalta kitna acha lagta he jab chat par bahte ho aap @@@@@@@@@
असली भारत को दिखाने के लिए धन्यवाद / साथ में इन मंत्रियों की ऐश को भी नकली भारत के रूप में पेश करते तो अच्छा रहता /
असली भारत को दिखाने के लिए धन्यवाद
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